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विनोबा: अंतिम पर्व एक झलक

इंग्रजी शीर्षक
Vinoba: Antim Parv Ek Jhalak
सारांश

Vinoba: Antim Parv Ek Jhalak (विनोबा: अंतिम पर्व एक झलक) इस ग्रंथ में विनोबाजी के अंतिम दिनों के आठ वर्षों की कुछ घटनाओं की, चर्चाओं तथा प्रवचनों की प्रस्तुति है । इस काल-खंड में स्थित विनोबाजी को समझना हो तो उनकी जीवन-दृष्टि समझ लेनी होगी। उन्होंने बार-बार कहा है कि "मेरी जिंदगी के कुल काम दिलों को जोडने के एकमात्र उद्देश्य से प्रेरित हैं।" उनके सामने अखंडित मानवता ही खड़ी रहती थी । लेखक: कुसुम देशपांडे

पुस्तकाची माहिती

प्रकाशक
प्रकाशन वर्ष
2026
भाषा
मराठी
किंमत
500.00
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बंद