रेत की मछली
इंग्रजी शीर्षक
Ret Ki Machhali
सारांश
रेत की मछली लेखक सम्पूर्ण जीवन को अपनी रचना का विषय बनाता है, रचता है। ऐसे लेखक को फिर अपनी रचना का विषय बनाना एक विशेष प्रकार के अनुभव और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखता है। श्रीमती कान्ता भारती ने अपने इस उपन्यास रेत की मछली में लेखकीय जीवन और उसके निकट परिवेश को मानवीय सन्दर्भों में रचने का प्रयास किया है। विदेशी साहित्यों में इस प्रकार की कई औपन्यासिक कृतियाँ प्रसिद्ध हुई हैं; हिन्दी में यह अनुभव-क्षेत्र अभी नया है, और विशेष सम्भावनाओं से युक्त है। कान्ता की यह कथा-कृति अपने ब्योरों में कहीं निर
पुस्तकाची माहिती
समुदायाने जोडले
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