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Chhod Akela Phir Jao

माझे शेल्फ

Chhod Akela Phir Jao

इंग्रजी शीर्षक
Chhod Akela Phir Jao
सारांश

इतने सालों में हिंदुस्तानी औरत की ज़िन्दगी में कुछ ख़ास नहीं बदला है। हाँ, उच्च शिक्षा, बराबरी की परवरिश ज़रूर मिली है, लेकिन घर हो या कार्यक्षेत्र, अपमान, कमतर आंका जाना और दुर्व्यवहार हर औरत के हिस्से बंधे हुए हैं, मानो वह इन्हें अपने कर्मों में लिखा के ही लाती है । ये कैसी चेतना है जो औरत के अधिकारों के लिए जब तक छीना झपटी न करनी पड़े, जागृत ही नहीं होती? ये कैसा दोगलापन? इन कहानियों में अपमान है, भेदभाव भी है, पर हर नायिका की एक ख़ास बात है कि वह कभी हार नहीं मानेगी, हथियार नहीं डालेगी। हर नायिका

पुस्तकाची माहिती

प्रकाशक
प्रकाशन वर्ष
2026
भाषा
मराठी
किंमत
170.00
समुदायाने जोडले
बंद